Bhuwaneshwari Devi Ji


Bhuwaneshwari-didiSushree Bhuwaneshwari Devi Ji

  1. Radhe..radhe..hamari pyari didiji

  2. हमारी भुवनेश्वरी दीदी

    भक्तियोगरसावतार जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज का नाम आते ही श्री राधा कृष्ण की सुन्दर छवि ध्यान में स्वयंमेव ही प्रकट होने लगती है। अपने श्री नाम के अनुरूप ही श्री महाराज जी अहैतु की कृपा इस कलयुग के जीवों पर निरन्तर लुटाते रहें हैं। उनके श्री व्यक्तित्व को जानने वाले यह भी जानते हैं कि मानव मात्र के परमकल्याण के लिए किए गए उनके अनन्त उपकारों को तो कहा सुना या लिखा भी नहीं जा सकता। कृपा लुटाने में कहीं कोई कमी ना रह जाए और श्यामा श्याम स्वरूप परब्रह्म की वास्तविक भक्ति और प्रेम जन जन – कोने कोने तक पहुँचे, इसलिए महाप्रभु कृपालु जी ने अपने स्वांशों को भी भक्ति के प्रचार हेतु ही जीवन लगाने को प्रेरित किया।
    हमारी दीदी “सुश्री ब्रज भुवनेश्वरी” जी का प्रथम और लघु परिचय भी यही है कि वह श्री महाराज जी को समर्पित, भक्ति की प्रचारिका हैं।
    वास्तव में तो दीदी जी का अपना कोई परिचय देना ही कठिन है क्योंकि दीदी के रहन सहन, हाव भाव, बातचीत और अन्य सभी क्रियाकलापों में केवल श्री महाराज जी ही दिखाई देते हैं। इनके भौतिक देह के जन्म से लेकर आज तक के हर विवरण में श्री महाराज जी का सानिध्य ही दिखाई देता है।
    दीदी का यह भौतिक जन्म भारत के उत्तरप्रदेश प्रांत के लखनऊ शहर में दिनांक 22 सितम्बर 1971 को हुआ। माता पिता तो श्री महाराज जी के अनन्य भक्त थे ही और साथ ही अन्य तीन बहनें और दो भाई भी श्री जी के ही सत्संगी मिले।
    इस परिवार की साधना की उच्चता का आभास इसी बात से हो जाता है कि, सन् 1978 में जब एक बार दीदी की माता जी श्री महाराज जी के पास सेवा में थीं तो महाराज जी ने उन्हें आदेश दिया कि तुम्हारे घर मेरे छः सत्संगी हैं। तुम उनसे किसी भी प्रकार की आसक्ति मत रखना। केवल कर्मदृष्टि से उनका पालन पोषण ही करना।।
    दीदी ने महाराज जी के आदेशानुसार B.A और फिर M.A, M.Phil की पढ़ाई के बाद PHD करते हुए सहज वैराग्य युक्त होकर पढाई अधूरी छोड़ दी
    सन 1998 की दीपावली के दिन श्री महाराज जी ने दीदी को अपनी प्रचारिका “ब्रज भुवनेश्वरी ” घोषित कर दिया।
    अपने प्रचार के केंद्र के रूप में दीदी जी ने पंजाब के शहर बठिंडा में श्री महाराज जी की आज्ञा से एक दिव्य आश्रम ” श्री कृपालु कुंज ” का निर्माण भी करवाया है।
    जय श्री राधे

    M. No. 97808-81008

  3. indiaindepths

    Radhey Radhey Didi ji

  4. Radhe Radhe Didi ji🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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